Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने NEET सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक और युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मोदी सरकार ने NEET परीक्षा के री- एग्जाम के लिए टेलीग्राम को ब्लॉक कर दिया है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर सरकार ऐप और प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के बजाय उन लोगों पर कब कार्रवाई करेगी जिन्होंने करोड़ों युवाओं के भविष्य को ब्लॉक कर रखा है। मोदी जी को सबसे पहले अपने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना का इस्तेमाल करना हो, टेलीग्राम को ब्लॉक करना हो या फिर छोटी मछलियों को पकड़कर बड़े पेपर लीक माफिया को बचाना हो, यह सब इसलिए करना पड़ रहा है क्योंकि पिछले 10 वर्षों में दर्जनों भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं विवादों और पेपर लीक की घटनाओं से प्रभावित हुई हैं और करोड़ों युवा इस धांधली तथा भ्रष्टाचार का खामियाजा भुगत रहे हैं।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि देश का युवा पूछ रहा है कि आखिर अपनी नाकामियों पर यह सरकार कब तक पर्दा डालती रहेगी। कई युवाओं ने कथित तौर पर मानसिक दबाव और निराशा के कारण अपनी जान गंवाई है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मामले पर एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। लाखों ऐसे अभ्यर्थी हैं जिनके माता-पिता ने कर्ज लेकर वर्षों तक अपने बच्चों को भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई, लेकिन एक के बाद एक NEET, SSC, UGC-NET, CUET सहित अनेक परीक्षाएं विवादों और पेपर लीक के आरोपों में घिरती चली गईं। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। यहां तक कि UPSC जैसी प्रतिष्ठित संस्था भी आरोपों और विवादों के घेरे में आ गई है। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और केंद्र सरकार को इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक इस पूरे मामले की जवाबदेही से बच नहीं सकते। जब युवाओं का भविष्य दांव पर लगा हो तो केवल ऐप ब्लॉक करना समाधान नहीं हो सकता। सरकार को पेपर लीक माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में युवाओं का भरोसा बहाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का जागरूक युवा आज केवल एक मांग कर रहा है – शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। यह जवाबदेही की पहली परीक्षा है, लेकिन अफसोस की बात है कि भाजपा इस परीक्षा में पूरी तरह फेल साबित हुई है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि वर्तमान हालात को देखकर उन्हें वह प्रसिद्ध कहावत याद आती है –
“हर डाल पर उल्लू बैठा है,
अंजाम-ए-गुलिस्तां क्या होगा।
जिस बाग़ को माली लूट रहे हों,
उस बाग़ का हाल क्या होगा।”
उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जवाब चाहता है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों की जवाबदेही तय होकर रहनी चाहिए।
