New Delhi: झारखंड के छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की आवाज लगातार संसद में गूंज रही है। गुरुवार को भी प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में संसद भवन परिसर, नई दिल्ली के मकर द्वार पर भाजपा सांसदों ने छात्रों के साथ हुए अन्याय के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। झारखंड के छात्रों की न्याय की लड़ाई अब केवल राज्य की सीमाओं तक सीमित नहीं है। भाजपा छात्रों की आवाज को सड़क से उठाकर संसद तक पहुंचाने का काम कर रही है।

इस दौरान आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में पिछले 20 दिनों से छात्र आंदोलनरत हैं। यहां कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है और सात सालों से कांग्रेस, झामुमो द्वारा नौकरियों को बेचा जा रहा है। राहुल गांधी में थोड़ी भी नैतिकता है तो उन्हें दिल्ली से ट्वीट-ट्वीट खेलने की बजाय झारखंड आकर छात्रों-युवाओं से बात करनी चाहिए। साथ ही सीएम हेमंत सोरेन सरकार से उन्हें दो टूक बात करनी चाहिए कि छात्रों की सीबीआई जांच की मांग को सरकार अविलंब पूरी करे। अगर सरकार उनकी बात नहीं मानती है तो सरकार से समर्थन वापस लेकर उन्हें छात्रों के साथ अनशन पर बैठना चाहिए।
आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो झारखंड के युवाओं के हक अधिकार को छीनने का काम कर रही है। जबकि भाजपा छात्रों के अधिकार, रोजगार और न्याय की लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ी है। सवाल राहुल गांधी और कांग्रेस से है कि झारखंड के छात्रों पर लाठियां बरसीं, फिर भी आपकी चुप्पी आखिर किसके पक्ष में है? दिल्ली और झारखंड के छात्रों के साथ आपका दोहरा रवैया क्यों ? उन्होंने कहा कि बंदर को सभी बंदर ही नजर आते हैं। यही हाल कांग्रेस पार्टी के नेताओं का है।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद हाथों में तल्खियां लेकर राहुल गांधी चोर है, जेपीएससी जेएसएससी सीजीएल की सीट बेचवा सरकार नाय चलतो, राहुल तेरी दोहरी नीति नहीं चलेगी, झारखंड के छात्रों से कांग्रेस माफी मांगो, छात्रों पर लाठी गोली चलाने वाले हेमंत सरकार इस्तीफा दो जैसे नारे लगा रहे थे।
इस दौरान आदित्य साहू के अलावा निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, डॉ प्रदीप वर्मा, बीडी राम, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल भी उपस्थित रहे।
