Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा MMDR कानून को लेकर दी जा रही सफाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा चाहे जितनी सफाई दे, राज्य की जनता इस कानून की वास्तविकता को समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों के लिए काले कानून के खिलाफ देशभर में आंदोलन हुआ था, उसी तरह MMDR कानून भी झारखंड के भविष्य, राज्य की अर्थव्यवस्था, किसानों, छात्रों, युवाओं और विकास के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां के खनिज संसाधनों पर पहला अधिकार झारखंड की जनता का है। ऐसे किसी भी प्रावधान को स्वीकार नहीं किया जा सकता जिससे राज्य के राजस्व हित प्रभावित हों और झारखंड को उसके प्राकृतिक संसाधनों का समुचित लाभ न मिल सके।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चाहे MMDR कानून के पक्ष में कितनी भी दलीलें और सफाई दें, झारखंड की जनता इस कानून को कतई स्वीकार नहीं करेगी। राज्य की जनता अपने जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के साथ-साथ अपने भविष्य और आर्थिक अधिकारों की भी रक्षा करना जानती है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि MMDR का असर केवल खनन क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध झारखंड के राजस्व, रोजगार, विकास योजनाओं और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से है। इसलिए कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर से SIR और MMDR कानून के खिलाफ राज्य में व्यापक आंदोलन की फिर से शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव से लेकर जिला और राज्य स्तर तक जनता के बीच जाएंगे तथा इन मुद्दों की वास्तविकता से लोगों को अवगत कराएंगे।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि यह लड़ाई झारखंड के अधिकार, झारखंड के राजस्व और झारखंड के भविष्य की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता करने वाले किसी भी कानून का कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध करेगी।
