Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा के बयानों को राजनीतिक दिवालियापन और वैचारिक पाखंड करार देते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा आज भगवान श्रीराम, महात्मा गांधी और ‘विकसित भारत’—तीनों के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि ज़मीनी सच्चाई यह है कि राम भी नारे में हैं, गांधी भी पोस्टर में और गरीब सिर्फ़ काग़ज़ में।
आलोक दूबे ने कहा,भाजपा यह बताए कि राम के नाम पर राजनीति करने वालों ने कब भूखे को भोजन, बेरोज़गार को रोज़गार और किसान को सम्मान दिया। आज राम को ढाल बनाकर जनता की पीड़ा पर पर्दा डाला जा रहा है। यह आस्था नहीं, आस्था का सौदा है।
उन्होंने आगे कहा कि जिस भाजपा को कांग्रेस के नामकरण से समस्या है, वह यह भूल जाती है कि महात्मा गांधी केवल नाम नहीं, भारत की आत्मा हैं। नाम बदलने से अगर विकास होता, तो आज देश में बेरोज़गारी, महंगाई और कुपोषण क्यों बढ़ रहा है?
विकसित भारत’ का दावा,ज़मीन पर विफलता
आलोक दूबे ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ का नारा तब खोखला लगता है जब युवाओं के पास नौकरी नहीं, किसानों को MSP की गारंटी नहीं और आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएँ तक नहीं हैं। उन्होंने सवाल किया—क्या विकसित भारत वही है जहाँ मनरेगा के पैसे समय पर नहीं मिलते, अस्पतालों में डॉक्टर नहीं और स्कूलों में शिक्षक नहीं?
मनरेगा पर झूठी राजनीति बंद करे भाजपा
दूबे ने स्पष्ट किया कि मनरेगा मनमोहन सिंह की सरकार की दूरदर्शी योजना थी, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोज़गार दिया। भाजपा आज उसी योजना पर आंकड़ों की बाज़ीगरी कर अपनी विफलताओं को छिपा रही है।अगर घोटाले थे, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? गरीबों की मजदूरी रोककर कौन सा रामराज्य आ रहा है?
