Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज फिर एकबार हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सरकार की हिम्मत पेसा से सम्बन्धित कैबिनेट के प्रस्ताव को सार्वजनिक कराने में क्यों नहीं दिख रही। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो रहा है कि कहीं न कहीं कोई ऐसी बात है जो राज्य सरकार जनता से छुपा रही है। एक तरफ सरकार पेसा प्रस्ताव पारित करने के नाम पर अपना पीठ थपथपा रही है, खूब स्वागत करवा रही है लेकिन यह बताने से भाग रही है कि आखिर उस प्रस्ताव में है क्या? जिस समाज के विषय में ,जिनकी परंपराओं, रूढ़ियों ,रीति रिवाजों, शासन व्यवस्थाओं से संबंधित यह पेसा एक्ट है, आज उसी समाज को वास्तविक स्थिति पता नहीं है।चाहे जनता हो या जन प्रतिनिधि सभी मीडिया में छपी खबरों के भरोसे ही जानकारी ले रहे।उन्होंने राज्य सरकार से जल्द पारित प्रस्ताव को सार्वजनिक करने की मांग की ताकि जनता को दिग्भ्रमित होने से बचाया जा सके।
वहीं निकाय चुनाव को लेकर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि निकाय चुनाव दलीय आधार पर होना चाहिए ताकि जनता के बीच विभिन्न दलों के माध्यम से सेवा कार्य करने वाले कार्यकर्ता जन प्रतिनिधि बनकर और अधिक सक्रियता के साथ संविधान के दायरे में जनता की सहायता कर सकें।उन्होंने कहा कि गैर दलिये चुनाव मसल और मनी पॉवर को बढ़ावा देता है जो स्वच्छ लोकतंत्र केलिए ठीक नहीं ।
वहीं प्रदेश प्रभारी सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने आज की बैठक को लेकर कहा कि यह बैठक पूरी तरह सांगठनिक बैठक थी जिसमें सांगठनिक विषयों,आगामी कार्यक्रमों आदि पर चर्चा हुई। पार्टी के वरिष्ठ नेता गण समय समय पर बैठक कर पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों की चर्चा करते रहते हैं।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी पेसा प्रस्ताव पारित होने के बाद सार्वजनिक नहीं किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली अधिसूचित क्षेत्रों में रूढ़ि जन्य परंपरा,व्यवस्थाओं पर आधारित है। यह एक्ट प्राचीन पारंपरिक सुशासन और स्वशासन व्यवस्था को संरक्षित और संवर्धित करता है। अर्जुन मुंडा ने कैबिनेट से पारित प्रस्ताव को पब्लिक डोमेन में सार्वजनिक करने की मांग की।
