Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा वीबी–जी राम जी वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि वीबी–जी राम जी योजना के बहाने केंद्र सरकार अब यह तय करना चाहती है कि राज्यों के गांवों में कौन सा काम कब और कहां होगा। उन्होंने इसे संघीय ढांचे पर प्रहार बताते हुए कहा कि पंचायतों और ग्राम सभाओं की स्वायत्तता को खत्म कर अब दिल्ली से गांवों की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा सरकार केवल योजनाओं का नाम बदलने में माहिर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा जनहित की योजनाएं जमीन पर उतारीं, लेकिन भाजपा सिर्फ पैकेजिंग बदलती है। नाम बदलने से ग्रामीणों का पेट नहीं भरता, उन्हें समय पर मजदूरी और काम चाहिए। केंद्रीय मंत्री द्वारा ऑडिट और भ्रष्टाचार की शिकायतों (पंजाब, बंगाल, आंध्र प्रदेश) का जिक्र करने पर लाल किशोर नाथ शाहदेव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ऑडिट एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन भाजपा इसे विपक्षी राज्यों को डराने और फंड रोकने के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। झारखंड समेत अन्य राज्यों को उसका हक देने के बजाय केंद्र सरकार नए-नए नियम थोपकर विकास की गति रोकना चाहती है।
कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि तकनीक का उपयोग स्वागत योग्य है, लेकिन इसे आधार बनाकर गरीबों को काम से वंचित करना गलत है। उन्होंने खट्टर के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि एनडीए सरकार में भी भ्रष्टाचार कम नहीं हुआ है, बल्कि डिजिटल पेचीदगियों की वजह से गरीब मजदूर आज भी अपने हक के पैसों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए श्रम दिवस और निधि के तुलनात्मक आंकड़ों पर लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि यह केवल कागजी बाजीगरी है। उन्होंने कहा कि यूपीए के समय मनरेगा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखी थी, जबकि एनडीए शासन में मजदूरी का भुगतान महीनों लंबित रहता है और झारखंड जैसे राज्यों का केंद्र पर बकाया पैसा मांगने पर भी नहीं दिया जाता।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा वीबी–जी राम जी वाले बयान को इस लिंक पर जाकर देख सकते है
