Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कहा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का हालिया अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में सहभागिता झारखंड के उज्ज्वल भविष्य, निवेश, रोजगार और सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह यात्रा राज्य को वैश्विक मंच पर स्थापित करने, निवेशकों को आकर्षित करने और झारखंड की अपार संभावनाओं को दुनिया के सामने रखने के उद्देश्य से की जा रही है।

 

आलोक कुमार दुबे ने बताया कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 की तैयारियों को लेकर झारखंड की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार “One India, One Vision” के संकल्प के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। झारखंड दावोस में क्रिटिकल मिनरल्स एवं माइनिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग, ईवी एवं ऑटोमोबाइल सेक्टर, सुपरफूड्स एवं फूड प्रोसेसिंग, फॉरेस्ट एवं बायो इकोनॉमी, ऊर्जा एवं रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन, पर्यटन और टेक्सटाइल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश के अवसरों को प्रस्तुत करेगा।

 

उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में भारत के राजदूत श्री मृदुल कुमार द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हुई मुलाकात भी इस बात का संकेत है कि झारखंड की वैश्विक स्तर पर भूमिका को लेकर केंद्र और विदेश मंत्रालय दोनों गंभीर हैं। यह झारखंड के 25 वर्ष पूरे होने के बाद पहला अवसर है जब राज्य का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर भाग ले रहा है, जो राज्य के लिए गर्व का विषय है।

 

आलोक कुमार दुबे ने कहा कि दावोस में झारखंड की भागीदारी “प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास” के विषय पर आधारित है, जो सतत विकास, दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक उद्देश्यों के अनुरूप है। यह स्पष्ट करता है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन केवल वर्तमान की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की योजना बना रहे हैं।

 

उन्होंने आगे कहा कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में होने वाली चर्चाएं भी झारखंड को वैश्विक नीति विमर्श और अकादमिक सहयोग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे राज्य को नीति निर्माण, निवेश रणनीति और सुशासन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय अनुभवों का लाभ मिलेगा।

 

आलोक कुमार दुबे ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की हर पहल का मूल उद्देश्य झारखंड में रोजगार के अवसर बढ़ाना, उद्योगों को प्रोत्साहित करना, युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ना और राज्य को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह दौरा किसी भी रूप में व्यक्तिगत या औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि झारखंड के विकास की ठोस और दूरदर्शी योजना का हिस्सा है।

 

अंत में उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि विपक्षी दल इस ऐतिहासिक पहल को “घूमने” या “सैर-सपाटे” से जोड़कर देखने की कोशिश कर रहे हैं। जब मुख्यमंत्री झारखंड के लिए वैश्विक मंच पर अवसर तलाश रहे हैं, तब विपक्ष का इस तरह की अभद्र और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां करना उनके नकारात्मक सोच को दर्शाता है। झारखंड की जनता सब समझती है कि कौन विकास की बात कर रहा है और कौन केवल राजनीतिक स्वार्थ के लिए भ्रम फैलाने का काम कर रहा है।

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