Ranchi:झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वास्तव में चुनाव से भाजपा ही भयभीत हो चुकी है। उसे इस बात का डर है कि नगर निकाय चुनाव यदि निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और जनभावनाओं के अनुरूप होंगे तो उसे ध्रुवीकरण का कोई अवसर नहीं मिलेगा।

 

आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा हमेशा चुनाव को मुद्दों और विकास से भटकाकर ईवीएम, ध्रुवीकरण और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तक सीमित रखना चाहती है। नगर निकाय चुनाव स्थानीय समस्याओं, शहरी विकास, सफाई, पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे विषयों पर आधारित होने चाहिए, न कि राजनीतिक भ्रम फैलाने पर।

 

उन्होंने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनेगा, जो नगर निकाय चुनाव में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की परंपरा की शुरुआत करेगा। यह लोकतंत्र को और अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और जनता के करीब लाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। आने वाले समय में पूरा देश इसी रास्ते पर चलेगा।

 

आलोक कुमार दूबे ने कहा कि भाजपा को यह बात समझनी चाहिए कि लोकतंत्र का मतलब केवल सत्ता की राजनीति नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान है। कांग्रेस चाहती है कि नगर निकाय चुनाव मुद्दों और विकास के आधार पर हों, ताकि योग्य और जनसेवा के लिए समर्पित प्रतिनिधि चुनकर सामने आएं।उन्होंने आगे कहा कि भाजपा जिस ईवीएम की दुहाई दे रही है, वही पार्टी कई राज्यों में ईवीएम के सहारे सत्ता में आई है।

 

आलोक दूबे ने कहा कि हेमंत सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराना उसकी प्राथमिकता है। नगर निकाय चुनाव में जनता विकास, सुशासन और स्थानीय जरूरतों को देखकर फैसला करेगी, न कि किसी के बहकावे या ध्रुवीकरण की राजनीति से प्रभावित होकर।

 

उन्होंने आखीरी में कहा कि भाजपा यह मान ले कि झारखंड की जनता अब जागरूक है। चुनाव अब नारे और डर के आधार पर नहीं, बल्कि काम, विकास और जनहित के मुद्दों पर लड़े जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!