Ranchi: प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने राज्य में संपन्न हुए चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी, निर्भीक एवं अनुशासित तरीके से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग, चुनाव प्रक्रिया से जुड़े पुलिस पदाधिकारियों, पीठासीन पदाधिकारियों तथा सभी कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में एक ही दिन में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराना कोई साधारण घटना नहीं है। सीमित समय में व्यापक स्तर पर तैयारी करना और उसी दिन लगभग परिणाम जारी करना चुनाव आयोग की सुनियोजित रणनीति, तकनीकी दक्षता और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

 

आलोक दूबे ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव प्रक्रिया का निष्पक्ष और भयमुक्त होना अत्यंत आवश्यक है और इस दृष्टि से यह चुनाव एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है।

 

वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और उसके बड़े नेताओं के बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विरुद्ध हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह कितना हास्यास्पद है कि जिन नागरिकों ने उन्हें वोट दिया वे “राष्ट्रीय सोच” वाले कहलाते हैं और जिन्होंने समर्थन नहीं दिया, उन्हें राष्ट्रद्रोही समझ लिया जाता है।

 

उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा को न जीत में संतोष है और न ही हार में। जब जीतती है तो विपक्ष और मतदाताओं पर सवाल खड़े करती है, और जब हारती है तो लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने लगती है। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए स्वस्थ संकेत नहीं है।

 

आलोक दूबे ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सर्वोपरि होता है और प्रत्येक मतदाता का निर्णय सम्मान के योग्य है। किसी भी दल या नेता को यह अधिकार नहीं है कि वह अपने राजनीतिक लाभ के लिए जनता को देशभक्ति और राष्ट्रद्रोह के तराजू पर तौले।

आलोक दूबे ने भाजपा नेतृत्व से आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि जनता के जनादेश को विनम्रतापूर्वक स्वीकार करना ही सच्चे लोकतांत्रिक संस्कार की पहचान है। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मतदाताओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!