Ranchi झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने राजद के नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेतृत्व और विशेषकर पार्टी प्रभारी के. राजू पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित, अमर्यादित और सच्चाई से परे बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रभारी के. राजू की ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता है। जब राज्यसभा चुनाव में बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी को 24 की जगह 28 वोट मिले और कांग्रेस प्रत्याशी को 26 की जगह 20 वोट मिले, तो साफ है कि चुनाव में हार्स ट्रेडिंग हुआ।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि राजद के नेताओं द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. राजू के खिलाफ जिस तरह की अमर्यादित और बेतुकी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह गठबंधन धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। चोर बोले जोर से और 17 छेद जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके राजद अपनी कमियों और चुनाव में हुई क्रॉस वोटिंग और धोखेबाजी से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि गठबंधन के भीतर कहां चूक हुई है। जब कांग्रेस पार्टी और हमारे प्रभारी आत्ममंथन की बात कर रहे हैं, तो राजद नेताओं को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है? यदि वे पूरी तरह साफ-सुथरे थे, तो उन्हें जांच और समीक्षा से डरने की जरूरत नहीं थी। इस तरह की तीखी और निजी बयानबाजी खुद उनके भीतर के डर और बौखलाहट को दर्शाती है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस इतिहास का सम्मान करती है और लालू प्रसाद यादव के योगदान को मानती है, लेकिन अतीत की दुहाई देकर वर्तमान चुनाव में किए गए भितरघात को सही नहीं ठहराया जा सकता। राजनीति आज और नीति-सिद्धांतों पर चलती है। कांग्रेस ने हमेशा गठबंधन धर्म निभाया है, लेकिन जब हमारे ही साथी पीठ में छुरा घोंपने का काम करेंगे, तो कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने राजद नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट है और हमारे विधायक बिकने वाले नहीं हैं। बिकाऊ होने का आरोप वो लगा रहे हैं जिनके खुद के दामन पर दाग हैं। राजद को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले यह देखना चाहिए कि उनके दावों और जमीन की हकीकत में कितना अंतर है।
