Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान को पूरी तरह से हताशा और सच को छिपाने की नाकाम कोशिश करार दिया है। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाने वाली भाजपा आज किस मुंह से नैतिकता और अंतरात्मा की बात कर रही है?
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष कह रहे हैं कि विधायकों ने अंतरात्मा की आवाज पर वोट दिया। सच तो यह है कि यह अंतरात्मा की नहीं, बल्कि भाजपा की सूटकेस और धनबल की आवाज थी। एनडीए के पास सिर्फ 24 वोट थे, तो उनके पास अतिरिक्त 6 वोट कहां से आ गए? यह साफ तौर पर हॉर्स ट्रेडिंग और लोकतांत्रिक मूल्यों का कत्ल है। जिस पार्टी ने पैसे के दम पर जनादेश को प्रभावित किया हो, उसे आत्ममंथन शब्द का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि आदित्य साहू खुद मान रहे हैं कि वे किसी झारखंडी कार्यकर्ता को राज्यसभा भेजने की स्थिति में नहीं थे। क्या करोड़ों कार्यकर्ताओं का दावा करने वाली भाजपा के पास झारखंड का एक भी ऐसा स्थानीय चेहरा नहीं था, जिसे वे मैदान में उतार सकते? बीजेपी को बताना चाहिए कि एक निर्दलीय को समर्थन देने का नाटक क्यों करना पड़ा? यह झारखंड के मूलवासियों और भाजपा के अपने ही जमीनी कार्यकर्ताओं का खुला अपमान है।
भाजपा द्वारा काउंटिंग एजेंटों को लेकर उठाए गए सवाल पर पलटवार करते हुए लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और हमारे केंद्रीय प्रभारी व सह-प्रभारी संगठन की निगरानी के लिए अधिकृत हैं। लेकिन भाजपा बताए कि क्या झारखंड की अस्मिता की बोली लगाने के लिए उन्हें बाहर से धनवानी जी को ही लाना जरूरी था? परिमल नाथवानी का झारखंड के विकास से क्या सरोकार है, यह पूरा राज्य जानता है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि सत्ता से चिपकने का चरित्र कांग्रेस का नहीं, भाजपा का है, जो बिना जनादेश के भी जोड़-तोड़ कर सरकारें गिराने और बनाने के लिए जानी जाती है। झारखंड की जनता ने हेमंत सोरेन जी के नेतृत्व में महागठबंधन को प्रचंड बहुमत दिया है। दर्द इस बात का है कि भाजपा इस जनादेश को पचा नहीं पा रही है। राज्य की जनता सुरक्षित है, लेकिन भाजपा का असली एजेंडा और राजनीति आज बेनकाब हो चुकी है।
