Ranchi: प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा को झारखंड की जनता को यह बताना चाहिए कि बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा के शासनकाल में हुई विवादित नियुक्तियों और भर्ती मामलों की जांच का क्या परिणाम निकला। वर्षों तक उन नियुक्तियों पर सवाल उठते रहे, लेकिन भाजपा ने कभी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की गंभीर पहल नहीं की।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आज की हेमंत सोरेन सरकार ने जेपीएससी से जुड़े मामलों में शिकायतों को दबाने के बजाय सीआईडी जांच कराई है और गिरफ्तारियां भी हुई हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार किसी भी अनियमितता को लेकर गंभीर है और पूरी ईमानदारी से जांच करा रही है। यदि कोई दोषी है, तो कानून के अनुसार उस पर कार्रवाई होगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि भाजपा का उद्देश्य छात्रों को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें गुमराह कर राजनीतिक लाभ उठाना है। भाजपा की बच्चों और युवाओं को बहकाने की राजनीति सफल नहीं होगी। झारखंड के छात्र समझ चुके हैं कि जो पार्टी अपने शासनकाल की विवादित नियुक्तियों का जवाब नहीं दे सकती, उसे आज नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि प्रत्येक परीक्षा और नियुक्ति पूरी पारदर्शिता से होनी चाहिए। यदि कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन भाजपा को केवल आरोप लगाने के बजाय पहले अपने शासनकाल की नियुक्तियों और भर्ती विवादों का भी हिसाब जनता के सामने रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता भाजपा की राजनीतिक मंशा को समझ चुकी है। राज्य सरकार युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
