Ranchi: जेपीएससी और जेएसएससी को लेकर छात्रों के द्वारा किए जा रहे हैं आंदोलन को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि जयपाल सिंह स्टेडियम में अनशनकारी छात्रों की आंखों से निकले आंसू केवल अनशनकारी बच्चों के आंसू भर नहीं हैं, ये झारखंड के करोड़ों छात्र-नौजवानों के आंसू हैं, करोड़ों झारखंडवासियों की पीड़ा और आक्रोश के आंसू हैं। हेमंत सोरेन सरकार अपने हक और भविष्य के लिए आवाज उठा रहे छात्रों के साथ जिस प्रकार अन्याय और अत्याचार कर रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इन आंसुओं की कीमत झामुमो और कांग्रेस को चुकानी ही होगी। श्री साहू ने जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जानने के बाद उक्त बातें कहीं।

 

आदित्य साहू ने कहा कि आज आइसा का पंडाल लग गया, एनएसयूआई का पंडाल लग गया, झारखंड छात्र मोर्चा का पंडाल लग गया, यह प्रमाणित करता है कि झारखंड के छात्रों के साथ झामुमो-कांग्रेस राजनीति करना चाहती है। राज्य की जनता और छात्र सरकार के सारे पैंतरे को समझ रहे हैं। छात्रों की दो टूक की मांग है कि मामले की सीबीआई जांच हो। इसमें सरकार को दिक्कत क्या है ? छात्र भूखे प्यासे 17 दिन से बैठे हुए हैं। भारी बारिश भी इनके हौसले को तोड़ नहीं पाई है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास किसी से छिपा नहीं है। यह लगातार दोहरी राजनीति कर रही है। राहुल गांधी को छात्रों की बजाय सीएम से बात करनी चाहिए। कांग्रेस में अगर हिम्मत है तो छात्रों की जो मांग है सीबीआई जांच की, उसके लिए सीएम आवास के सामने कांग्रेसियों को धरना देनी चाहिए। कांग्रेसी सीएम को बाध्य करें कि छात्रों की जो डिमांड है वह पूरी हो। कांग्रेस को हेमंत सरकार से दो टूक में बात करनी चाहिए कि छात्रों की मांग के अनुरूप सीबीआई जांच की जाए अन्यथा वे समर्थन वापस लेते हैं। लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी ऐसा करेंगे नहीं, क्योंकि कांग्रेस के लिए सत्ता प्यारी है। राज्य सरकार वार्ता के नाम पर केवल नाटक कर रही है।

 

वहीं प्रदेश अध्यक्ष ने जेपीएससी मामले में सीआईडी जांच के खुलासे को छुपाने, मामले की लीपापोती का आरोप झारखंड सरकार पर लगाया है। श्री साहू ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में जो खुलासे सामने आ रहे हैं वह हेमंत सरकार में भ्रष्टाचार की कहानी बतलाने के लिए पर्याप्त है।

आदित्य साहू ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जेपीएससी घोटाले में सीआईडी के अनुसार कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी ने तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते को लेकर जो खुलासे किए हैं, जेपीएससी घोटाले में डील की जो सनसनीखेज कहानी सामने आ रही है वह इस सरकार में भ्रष्टाचार को शिष्टाचार के रूप में अंगीकार करने का एक और उत्कृष्ठ उदाहरण है। अभय तिवारी ने सीआईडी के सामने जो कबूलनामा किया है उसके अनुसार एल ख्यांगते के द्वारा टीडीपीएल को काम दिलाने के बदले में 2 करोड़ का सौदा हुआ था। इतना ही नहीं इसके अलावे जितने भी भुगतान होंगे उसमें उनकी 20% कमीशन की राशि अलग से तय हुई थी। इस कड़ी का जो मुख्य माध्यम बना, वह इनका कर्मी धर्मेंद्र बना।

 

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट्स के मुताबिक एल ख्यांगते ने टीडीपीएल कंपनी के साथ मोराबादी और रेडिशन ब्लू होटल में मीटिंग भी की और इस खेल के लिए उनके ही निर्देशानुसार सारी स्क्रिप्ट वहीं पर लिखा गया था। सीआईडी ने उनसे 30 से अधिक घंटे की पूछताछ की है। बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं होना, सरकार और उनके बीच के प्रगाढ़ रिश्ते को बतलाने के लिए काफी है। यही वजह है कि हेमंत सरकार में सीआईडी जांच ना पहले कभी विश्वसनीय थी, ना आगे कभी विश्वसनीय रहेगी।

 

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार अगर वास्तव में छात्रों का हित चाहती है और वास्तव में भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता चाहती है तो सरकार को इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करानी ही होगी। साथ ही सरकार एल ख्यांगते की गिरफ्तारी तुरंत सुनिश्चित करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!