Ranchi : झारखंड की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आज रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति, बजटीय प्रावधान के विरुद्ध व्यय, भुगतान की स्थिति और योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मनरेगा एवं जेएसएलपीएस कर्मियों के लंबित वेतन का भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में प्रत्येक माह के वेतन का बिल 25 तारीख तक ट्रेजरी में अनिवार्य रूप से भेज दिया जाए, ताकि सभी कर्मियों को प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा में लेबर एवं मटेरियल भुगतान में आ रही तकनीकी समस्याओं को भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर यथाशीघ्र दूर करने का निर्देश दिया, ताकि श्रमिकों एवं संबंधित एजेंसियों का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत नवाचार आधारित योजनाओं को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। इसी क्रम में ड्राई बोरवेल को सीपेज वाटर टैंक के रूप में विकसित करने की योजना को मनरेगा से जोड़ने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि जल संरक्षण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन को बढ़ावा मिल सके।
साथ ही मनरेगा के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों का निर्माण नई तकनीक के माध्यम से कार्य शुरू करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मंत्री ने कहा कि मनरेगा की योजनाओं में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता दी जाए, जिनसे रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ एवं उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण हो।
बैठक में जेएसएलपीएस के अंतर्गत संचालित आजीविका एवं ग्रामीण महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने जोहार -2 एवं जायका जैसी योजनाओं को जल्द शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसरों को और मजबूत किया जा सके तथा स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण परिवारों को इन योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अबुआ आवास योजना की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों आवास योजनाओं के लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाए। पेसा कानून के धरातलीय क्रियान्वयन को लेकर मंत्री ने पारंपरिक ग्राम सभाओं के गठन की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
ग्रामीण कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान नई योजनाओं की स्वीकृति की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी करने और पूर्व से चल रही निविदाओं का निष्पादन इसी माह के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बैठक में विभाग के अंतर्गत प्राप्त बजटीय प्रावधानों के विरुद्ध हुए व्यय की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने तथा जनता से जुड़ी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से लाभुकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
इस दौरान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, पंचायती राज निदेशक बी. राजेश्वरी, मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय वर्णवाल, जेएसएलपीएस के सीईओ अनन्य मित्तल, अभियंता प्रमुख सहित विभाग के वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
