Lohardaga: भारी बारिश के बावजूद लोहरदगा जिला कांग्रेस कमिटी द्वारा खनिज अधिनियम कानून 2026 एवं चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर जिला समाहरणालय के समक्ष धरना एवं प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीतियों का जोरदार विरोध किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुखेर भगत ने की। धरना-प्रदर्शन में लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत, विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव एवं जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी आलोक कुमार दूबे विशेष रूप से उपस्थित रहे।प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा, जल हमारा, जमीन हमारी, खनिज हमारा, प्रदूषण हमारा, विस्थापन हमारा और फैसला दिल्ली का—यह नहीं होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के खनिज पदार्थों पर यहां के आदिवासियों और मूलवासियों का नियंत्रण पहले से ही बेहद सीमित है। खनिज संपदा के दोहन के कारण स्थानीय लोगों को विस्थापन और प्रदूषण का दंश झेलना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार का यह निर्णय झारखंड के हितों के खिलाफ है, जिसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों और यहां के लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने वाली हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा तथा जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय का एक महत्वपूर्ण निर्णय आया था, जिसमें राज्यों के खनिज अधिकारों पर कर लगाने के अधिकार को स्पष्ट किया गया था। इस निर्णय के आधार पर राज्य सरकार ने कोयले को छोड़कर अन्य खनिजों पर सेस लगाना शुरू किया। उन्होंने कहा कि कोयले के मामले में भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों को रॉयल्टी प्राप्त होती है। खनिजों पर सेस के माध्यम से राज्य को वर्ष 2025-26 और 2026-27 में लगभग 13 करोड़ रुपये सालाना की अतिरिक्त आमदनी होने लगी है।
डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि इस राजस्व का उपयोग राज्य सरकार जनकल्याण और मूलभूत सुविधाओं के विकास में कर रही है। धोती-साड़ी योजना, मंईयां सम्मान योजना, राशन कार्ड, पेंशन सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं में इस आय का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा राज्यों से राय लिए बिना इस प्रकार का निर्णय लेना उचित नहीं है।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी आलोक कुमार दूबे ने कहा कि आज पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर खनिज अधिनियम कानून 2026 एवं चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नजर झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों पर पहले से ही गिद्ध की तरह लगी हुई है, लेकिन झारखंड की जनता अपने जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी। कांग्रेस पार्टी जनहित और झारखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत ने कहा, अधिकार की लड़ाई कांग्रेस ने पहले भी लड़ी है और आगे भी पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता का है और उनके हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
धरना-प्रदर्शन के उपरांत सांसद सुखदेव भगत, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रभारी आलोक कुमार दूबे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखेर भगत, निक्षित जायसवाल, मोहन दूबे एवं साजिद अहमद बेलू ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति महोदया के नाम ज्ञापन माननीय उपायुक्त, लोहरदगा के माध्यम से प्रेषित किया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा तथा झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी मजबूती से संघर्ष करती रहेगी।
आज के कार्यक्रम में कांग्रेस नेता रोहित उरांव, विधायक प्रतिनिधि निशित जायसवाल, विनय उरांव निसार अहमद,मोहन दूबे, आलोक साहू, विशाल डुंगडुंग, सीमा परवीन, मुजम्मिल अंसारी, शाहिद अहमद बेलू, दीपक महतो, ऐनूल अंसारी, रविन्दर खैरवार,जुगल भगत, अनीस अहमद, बुद्धदेव उरांव, तनवीर गौहर, सत्यदेव भगत, यूनुस अंसारी, मुनीम अंसारी, सुशीला देवी, संतोषी उरांव, मस्ताक अंसारी, सरिता खलखो,हरि भगत, मुनवर आलम मुख्य रूप से उपस्थित थे।
