Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव सह मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार के बयानों को पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के पास न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही जनता का समर्थन, इसलिए वे केवल अफवाह फैलाने और भ्रम की स्थिति पैदा करने का काम कर रहे हैं।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि गठबंधन सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। भाजपा शासित राज्यों में जहां भ्रष्टाचार के मामलों को दबा दिया जाता है, वहीं झारखंड में किसी भी विभाग में वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत मिलते ही त्वरित निष्पक्ष जांच शुरू कराई जाती है। हमारी सरकार में कानून सभी के लिए समान है,चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होती है और सरकार हर ऑडिट आपत्ति को गंभीरता से लेती है। उत्पाद विभाग में राजस्व वृद्धि और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। भाजपा अपनी सरकार के समय हुए शराब और अन्य घोटालों को भूल गई है। हमारी सरकार ऑडिट रिपोर्ट के हर बिंदु का अध्ययन कर नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि युवाओं के भविष्य को लेकर भाजपा का रोना केवल मगरमच्छ के आँसू है। भाजपा शासनकाल में जेपीएससी की क्या दुर्दशा थी और किस तरह पेपर लीक और धांधलियां आम बात थीं, यह झारखंड का हर युवा जानता है। वर्तमान सरकार ने सख्त कदाचार मुक्त परीक्षा कानून पारित कर पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से नौकरियां देने का काम किया है। भाजपा परीक्षाओं को अटकाने और युवाओं को भड़काने के लिए झूठी सीबीआई जांच की आड़ ले रही है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि अफसरशाही को राजनीतिक संरक्षण देने का काम भाजपा की संस्कृति का हिस्सा रहा है। आज केंद्र सरकार तय केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग कर गैर-भाजपा शासित राज्यों को अस्थिर करने और भ्रष्ट नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर वॉशिंग मशीन में धोने का काम कर रही है। झारखंड की हेमंत सरकार में किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को कोई संरक्षण प्राप्त नहीं है। यदि किसी पर आरोप साबित होते हैं, तो बिना किसी भेदभाव के निष्पक्ष कार्रवाई की जाती है।
