Ranchi:  झारखंड में भ्रष्टाचार और बिगड़ती प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि राज्य में भ्रष्ट अफसरशाही को खुला राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे शासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

 

अविनेश कुमार ने कहा कि सरकार केवल जांच की घोषणा कर खानापूर्ति कर रही है, लेकिन धरातल पर किसी भी दोषी अफसर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। जनता के पैसे और युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों पर सरकार को चुप्पी तोड़नी होगी। उन्होंने चार प्रमुख बिंदुओं पर सरकार से जवाब मांगा है।

 

पहला तर्क – जवाबदेही तय हो, सिर्फ जांच की घोषणा नहीं.

 

अविनेश कुमार ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक सरकार में अधिकारियों की जवाबदेही तय होना सबसे जरूरी है। यदि किसी विभाग में अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है, तो केवल जांच टीम गठित कर देने से काम नहीं चलेगा। जांच समयबद्ध तरीके से पूरी हो और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। लेकिन झारखंड में उल्टा हो रहा है, जांच फाइलों में दबा दी जाती है और भ्रष्ट अधिकारी प्रमोशन पा जाते हैं।

 

दूसरा तर्क – उत्पाद विभाग की ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर अनियमितता.

भाजपा प्रवक्ता ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की 2021-25 की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट में गंभीर तकनीकी और वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाए गए हैं। राजस्व में हेरफेर, टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और नियमों की अनदेखी के स्पष्ट संकेत हैं।

 

अविनेश कुमार ने कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि हजारों करोड़ के राजस्व से जुड़ा मामला है। भाजपा ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और सीधे जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार ऑडिट रिपोर्ट के तथ्यों को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रही है?

तीसरा तर्क – JPSC-JSSC से युवाओं का भविष्य दांव पर

 

अविनेश कुमार ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठना झारखंड के युवाओं के भविष्य के लिए सबसे गंभीर विषय है। *JPSC और JSSC* से जुड़ी कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और रिजल्ट में धांधली को लेकर भाजपा लगातार आंदोलन कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार युवाओं को सिर्फ नियुक्ति पत्र बांटने का दिखावा कर रही है, जबकि अंदरखाने पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में लिप्त है। भाजपा ने इन सभी मामलों में पारदर्शी जांच और CBI जांच की मांग की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

चौथा तर्क – बयानबाजी नहीं, कार्रवाई हो

प्रवक्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति केवल अखबारों में बयान तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जीरो टॉलरेंस की बात कहने से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता। जिस अधिकारी या कर्मचारी पर जांच में आरोप प्रमाणित हों, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि जब तक सरकार राजनीतिक संरक्षण देना बंद नहीं करेगी, तब तक भ्रष्टाचार खत्म नहीं होगा। जनता में यह धारणा बन गई है कि सत्ताधारी दल के करीबी अफसरों को कुछ नहीं होगा। यह धारणा तभी खत्म होगी जब जांच और कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होगा।

 

अंत में अविनेश कुमार ने मांग की कि सरकार भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराए, तथ्यों को सार्वजनिक करे और दोषियों पर बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के कार्रवाई करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!