Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने गुमला की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक दुखद मानवीय त्रासदी को तुच्छ राजनीति का जरिया बना रहे हैं। उन्हें समझना चाहिए कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि संवेदना और समाधान का है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि गुमला की आदिवासी बेटी और उसके नवजात शिशु की मृत्यु अत्यंत दुखद और हृदय विदारक घटना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आदिवासी समाज की पीड़ा को समझते हैं और उनकी उपेक्षा का प्रश्न ही नहीं उठता। यह सरकार सिर्फ आदिवासी होने का ढोंग नहीं करती, बल्कि आदिवासी हित में जमीन पर काम करती है, जैसा कि पुरानी सरकारों में नहीं हुआ।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि यह विडंबना है कि बाबूलाल मरांडी उस दशकों पुरानी व्यवस्थागत खामी का ठीकरा आज की संवेदनशील सरकार पर फोड़ रहे हैं, जिसके लिए उनकी पार्टी (भाजपा) की पूर्ववर्ती सरकारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बाबूलाल मरांडी को यह याद रखना चाहिए कि उनकी सरकारें भी लंबे समय तक राज्य में रहीं, लेकिन आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी दूर करने के लिए उन्होंने क्या किया? उन्हें अपनी अकर्मण्यता पर पहले शर्म महसूस करनी चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार ने राज्य के दुर्गम और सुदूरवर्ती क्षेत्रों को सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने के लिए मिशन मोड में काम शुरू किया है। गुमला के झलकापाट जैसी घटनाओं से सबक मिला है। सरकार ऐसे सभी ‘बहंगी’ मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर जल्द से जल्द वहां सुगम आवागमन की व्यवस्था करेगी ।
