Ranchi : आज किसान दिवस है,भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां करोड़ों लोग खेती-किसानी से जुड़े हैं. देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसानों के योगदान को सम्मान देने के लिए हर साल 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है. यह दिन हमारे अन्नदाताओं की मेहनत, संघर्ष और समर्पण को याद करने का अवसर प्रदान करता है. साथ ही यह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के रूप में भी जाना जाता है, जिन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता है.

वहीं आज किसान दिवस के मौके पर किसानों के महत्व को बताते हुए झारखंड किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, भारत की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का बड़ा हिस्सा है. देश की 60% से अधिक आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है. किसान न केवल देश को अनाज उपलब्ध कराते हैं, बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं. अगर किसान न हों तो देश की अर्थव्यवस्था और नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा हालांकि, किसानों को जलवायु परिवर्तन, उचित मूल्य न मिलना, कर्ज और आधुनिक तकनीकों की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. किसान दिवस इन मुद्दों पर चर्चा करने और समाधान खोजने का मौका देता है.

झारखण्ड किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि किसानों के मेहनत को नजर अंदाज कर किसी भी देश की अर्थव्यवस्था नहीं बढ़ सकती.
