Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून में किए गए बदलावों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस नए फैसले से झारखंड जैसे राज्य पर 1500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत केंद्र और राज्य के बीच खर्च का अनुपात 90:10 था। लेकिन अब इसे बदलकर 60:40 कर दिया गया है। इस बदलाव के कारण राज्य सरकार को अपने बजट से भारी भरकम राशि खर्च करनी होगी। कांग्रेस प्रवक्ता का आरोप है कि केंद्र ने इस कानून में संशोधन करने से पहले किसी भी राज्य सरकार को विश्वास में नहीं लिया और न ही कोई सलाह-मशविरा किया।
उन्होंने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर झारखंड का 1.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हक बकाया है, वहीं दूसरी ओर ऐसे नए नियम थोपकर राज्य की मुश्किलें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में मनरेगा के तहत 76 लाख से अधिक जॉब कार्ड जारी किए गए हैं ,जिसमें 50 फ़ीसदी से भी कम 34 लाख जॉब कार्ड ही सक्रिय है। सक्रिय श्रमिकों में अनुसूचित जाति के 26 लाख 65 हजार मजदूर श्रमिक शामिल है। श्रमिकों को उनके काम के बदले सरकार की ओर से राशि दी जा रही है, लेकिन अब इन मजदूर के पास भी काम नहीं होगा ।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि केंद्रांश फंड की कमी और नियमों में सख्ती के कारण इन लाखों गरीब और आदिवासी श्रमिकों को आने वाले समय में अपने हक की मजदूरी पाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
