Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा सांसद आदित्य साहू के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार केवल नाम बदलने और विज्ञापनों की राजनीति में माहिर है। उन्होंने कहा कि जी राम जी योजना कुछ और नहीं, बल्कि कांग्रेस की ऐतिहासिक मनरेगा योजना का स्वरूप बिगाड़ने और गरीबों के हक पर डाका डालने की एक नई साजिश है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है, जिसे कांग्रेस ने ग्रामीण गरीबों को अधिकार देने के लिए बनाया था। भाजपा ने पिछले 10 वर्षों में इसे खत्म करने की हर संभव कोशिश की और अब इसका नाम बदलकर इसे नया जामा पहनाने की कोशिश कर रही है। जनता जानती है कि काम कांग्रेस ने किया और श्रेय भाजपा लेना चाहती है।

आदित्य साहू के भ्रष्टाचार वाले आरोप पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में ही मनरेगा के फंड में सबसे ज्यादा अनियमितताएं देखी गई हैं। एआई और डिजिटल निगरानी के नाम पर भाजपा दरअसल ग्रामीण मजदूरों को तकनीक के जाल में उलझाकर उनकी मजदूरी रोकना चाहती है।

लाल किशोर नाथ शाहदेव ने सवाल उठाया कि जब सरकार मनरेगा का पुराना बकाया राज्यों को नहीं दे पा रही है, तो 125 दिन के रोजगार और भत्ते की बात केवल एक चुनावी जुमला है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा वाकई मजदूरों की हितैषी है, तो पहले मनरेगा की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाकर दिखाए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जीपीएस और मोबाइल आधारित निगरानी उन इलाकों में कैसे संभव है जहां नेटवर्क तक नहीं है? यह केवल मजदूरों को काम से वंचित करने का एक बहाना है। भाजपा की नीतियां हमेशा से कॉरपोरेट परस्त रही हैं, उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जमीनी हकीकत का अंदाजा नहीं है।

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