Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सह भाजपा सांसद आदित्य साहू के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि जिस मनरेगा का लोकसभा में उड़ाया था मज़ाक, नाम बदलने की नौटंकी क्यों? वही योजना बनी कोरोना में करोड़ों की जीवनरेखा।

कांग्रेस और गांधी जी को बार-बार कोसने वाली भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर आज गांधी जी नहीं होते तो ये लोग इस देश में रहने लायक भी नहीं होते। आज जिस आज़ादी में भाजपा राजनीति कर रही है, उसकी नींव गांधी जी के बलिदान से पड़ी है।

 

आलोक दूबे ने कहा कि भाजपा दरअसल भारतीय जनता का खून चूसने वाली पार्टी बन चुकी है। बड़े-बड़े भाषणों में राष्ट्रवाद और विकास की बात करने वाली भाजपा की असल पहचान लूट, शोषण और कॉरपोरेटपरस्ती है। जनता की गाढ़ी कमाई कुछ गिने-चुने उद्योगपतियों पर लुटा दी गई।

 

125 दिन काम देने की बात करने से पहले भाजपा यह बताए कि काम मिला कितने मजदूरों को, मजदूरी मिली या नहीं और भुगतान समय पर हुआ या नहीं। सिर्फ कागज पर दिन बढ़ा देने से गरीब का पेट नहीं भरता।

 

कांग्रेस को समस्या 125 दिन से नहीं, झूठे दावे और जमीनी हकीकत से है। सच्चाई यह है कि आज भी लाखों मजदूरों को 100 दिन का काम तक नहीं मिल पा रहा, भुगतान महीनों लटका रहता है और मजदूरी दर महंगाई के मुकाबले बेहद कम है, साथ ही साथ सबसे बड़ी विसंगति ये है कि दिल्ली से यह होगा काम किसे मिलेगा और कब छुट्टी होगा।

आलोक दूबे ने कहा,मनरेगा में 90 % राशि केन्द्र सरकार देती थी और 10% राशि राज्यों के द्वारा दी जाती थी लेकिन जी राम जी में केन्द्र 60% राशि देगी जबकि राज्यों को 40%राशि देना होगा।गरीब राज्यों के ऊपर जहां गरीब आदिवासी, किसान, मजदूर निर्भर हैं आर्थिक रुप से परेशानी होगी।

उन्होंने कहा कि जिन प्रधानमंत्री को कभी फकीर बताया गया, उनका नाम आज देश में “मोदी नहीं, मोडानी” के रूप में लिया जा रहा है। अडानी के साथ खुला गठजोड़ अब किसी से छिपा नहीं है। देश की संपत्तियां बेची जा रही हैं और भाजपा आंख मूंदकर उसका बचाव कर रही है।

 

आलोक दुबे ने भाजपा के तथाकथित चाणक्य अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह चाणक्य नहीं चतुर चालाक तानाशाह है उनकी राजनीति लोकतंत्र नहीं बल्कि तानाशाही का प्रतीक बन चुकी है। जहां चुनाव होते हैं, वहां अफसर भेजे जाते हैं, होटल के कैमरे बंद कराए जाते हैं, धमकी दी जाती है और सत्ता के बल पर पूरा सिस्टम हाइजैक किया जाता है।

 

5 जनवरी से झारखंड सहित पूरे देश में मनरेगा बचाओ आन्दोलन की शुरुआत होगी और भाजपा के अलोकतांत्रिक कार्यों से किसानों को बताया जाएगा।मनरेगा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को गांव, गरीब और मजदूर की चिंता दिखाना शोभा नहीं देता। मजदूरों की मजदूरी में कटौती और भुगतान में देरी भाजपा की सच्चाई है।

 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मनरेगा को गरीबों का संबल माना है। रोजगार की गारंटी, समय पर भुगतान और सम्मानजनक मजदूरी कांग्रेस की नीति रही है, जबकि भाजपा ने लगातार इस योजना को कमजोर करने का काम किया।

 

किसानों की बात पर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए आलोक दुबे ने कहा कि भाजपा जब किसानों की बात करती है तो हंसी आती है। दुनिया ने देखा है कि आज़ाद भारत का सबसे बड़ा किसान आंदोलन किसके खिलाफ हुआ था। लाखों किसान सड़कों पर उतरे, महीनों धरना दिया और वह आंदोलन भाजपा सरकार के खिलाफ था, न कि कांग्रेस के।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा राम जी का नाम लेकर सबसे ज्यादा अन्याय कर रही है। जो लोग राम के नाम पर नफरत, लूट और शोषण की राजनीति कर रहे हैं, उनका अंत भी तय है। राम जी के नाम पर हो रहे अन्याय का दमन भी राम जी ही करेंगे।

 

 

अंत में उन्होंने कहा कि मोदी–अडानी की जोड़ी और तानाशाही की राजनीति से बड़ा भ्रष्टाचारी इस देश में कोई नहीं। जनता सब समझ चुकी है और आने वाले समय में झूठ, लूट और अहंकार की राजनीति को करारा जवाब देगी।

 

 

भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष आदित्य साहू के प्रेस कॉन्फ्रेंस की पूरी विडिओ, जिसमे उन्होंने कांग्रेस को लेकर कहा क्या कुछ कहा है इस लिंक पर देखें

 

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