Ranchi: झारखंड कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के बयानों को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी योजना करना भगवान राम के नाम पर राजनीति करने और महात्मा गांधी के योगदान को मिटाने की एक गहरी साजिश है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि बाबूलाल मरांडी को यह समझना चाहिए कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए काम के अधिकार की गारंटी है। इस योजना से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना उनके आदर्शों और ग्रामीण भारत की उस सोच का अपमान है, जिसे कांग्रेस ने धरातल पर उतारा था।
125 दिन के रोजगार के दावे पर तंज कसते हुए प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा 125 दिन की गारंटी की बात कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के बजट में 34 प्रतिशत की भारी कटौती की है। जब फंड ही नहीं होगा, तो मजदूरों को भुगतान कहां से होगा? 2023-24 के बजट को 89 हजार करोड़ से घटाकर 60 हजार करोड़ करना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करना चाहती है।
बाबूलाल मरांडी की ओर से कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर शाहदेव ने पलटवार करते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी को अपने ही बीजेपी शासनकाल का वो मनरेगा घोटाला याद करना चाहिए, जिसमें एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जेल की हवा खानी पड़ी थी। कांग्रेस ने हमेशा पारदर्शिता पर जोर दिया है, जबकि भाजपा तकनीकी जटिलताओं के बहाने मजदूरों को काम से वंचित करने का रास्ता खोज रही है।
योजनाओं के नामकरण पर बाबूलाल के बयान का जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार के उन महापुरुषों के नाम पर योजनाएं रखीं जिन्होंने देश के लिए बलिदान दिया। भाजपा के पास अपने कोई आदर्श नहीं हैं, इसलिए वे कभी गांधी जी का नाम मिटाते हैं तो कभी पुरानी योजनाओं पर अपना ठप्पा लगाकर उसे नया बताते हैं। राजपथ को कर्तव्य पथ कहना या पीएमओ को सेवा तीर्थ कहना केवल शब्दों की बाजीगरी है, धरातल पर जनता त्रस्त है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने गंभीर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अब मनरेगा (नई योजना) का पूरा आर्थिक बोझ राज्यों पर डालने की तैयारी में है। पंचायतों से वित्तीय अधिकार छीनकर उन्हें दिल्ली के नियंत्रण में लाना लोकतंत्र के विकेंद्रीकरण के खिलाफ है।
