Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने मधुपुर की घटना पर भाजपा नेताओं की जांच समिति को महज एक राजनीतिक स्टंट और आईवॉश करार दिया। लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि मधुपुर के लालगढ़ में हर हाल में समाज की एकता, भाईचारा और सौहार्द कायम रहे।इससे खिलवाड़ करना कतई स्वीकार्य नहीं किया जा सकता है। सभी को अपने धर्म के अनुसार आराधना करने का अधिकार है।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि झारखंड की पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और चौकन्ना है। भाजपा का प्रयास हमेशा यह होता है कि किसी भी तरह से धार्मिक और सांप्रदायिक उन्माद को फैलाया जाए। मधुपुर की घटना को इसी रूप में देखा जाना चाहिए। जिस तरह से भाजपा नेता झारखंड सरकार के मंत्री पर आरोप लगा रहे हैं। पार्टी की तो मांग है कि इस पूरे मामले में भाजपा नेकाओं की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी घटनाएं हुई है उसपर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बीजेपी का प्रयास होता है कि किसी तरह जो है सांप्रदायिक तनाव पैदा किया जाए और इसका राजनीतिक लाभ लिया जाए इसकी हम घोर निंदा करते हैं।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजपा को दलितों और पिछड़ों की याद केवल तब आती है जब उन्हें राजनीति करनी होती है। मधुपुर मामले में जांच समिति बनाना भाजपा का एक नया सियासी पाखंड है। जब भाजपा शासित राज्यों में दलितों पर अत्याचार होता है, तब इनकी ये उच्चस्तरीय समितियां कहां सोई रहती हैं? हाथरस से लेकर मध्य प्रदेश तक की घटनाओं पर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साध लेता है, लेकिन झारखंड में वे बिना वजह माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं
उन्होंने आगे कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार दलितों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाजपा को जांच-जांच खेलने के बजाय यह बताना चाहिए कि केंद्र की उनकी सरकार ने दलितों के उत्थान के लिए पिछले 10 वर्षों में क्या किया? भाजपा का मकसद न्याय दिलाना नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़कर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशना है
