Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में राज्य की सड़क अनुरक्षण व्यवस्था को नई दिशा देने वाले आउटपुट एवं परफॉर्मेंस बेस्ड रोड मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट यानि ओपीआरएमसी फेज-3 का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत 10,590.53 करोड़ रुपये की लागत से कुल 13,033 किलोमीटर राज्य उच्च पथों एवं वृहद जिला पथों का 7 वर्षों तक यानि 2026 से 2033 तक दीर्घकालीन संधारण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 66 पैकेजों में बंटे इस विशाल अनुरक्षण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर ओपीआरएमसी पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई और विभागीय पुस्तिका का भी विमोचन किया गया।
हर किलोमीटर की होगी मासिक निगरानी

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओपीआरएमसी फेज-3 सिर्फ सड़क बनाने की नहीं, बल्कि उसे बनाए रखने की जवाबदेह व्यवस्था है। उन्होंने पथ निर्माण विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस चरण में सड़कों के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ अगले 7 वर्षों तक उनके नियमित मेंटेनेंस की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दीपावली तक इस कार्य का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन धरातल पर शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “प्रत्येक किलोमीटर सड़क की स्थिति की नियमित निगरानी तथा मासिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए। आधुनिक तकनीक के माध्यम से सड़कों की निगरानी और अनुरक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।” मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सड़कों के बेहतर रखरखाव से आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक की सभी सड़कों को मेंटेन रखना सरकार की प्राथमिकता है।
ओवरलोड वाहनों पर सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने ओवरलोड वाहनों के परिचालन पर चिंता जताते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण लगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ओवरलोड वाहन किसी भी पुल पर न चलें, यह सुनिश्चित किया जाए। इससे पुलों और सड़कों की उम्र कम होती है और हादसों का खतरा बढ़ता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सड़कों पर भी ओवरलोड वाहन न चलाए जाएं, इसके लिए ग्रामीण कार्य विभाग को भी निर्देशित किया गया है। सभी सड़कों के मेंटेनेंस को लेकर मासिक रिपोर्ट उपलब्ध रखी जाए।
नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ा रही सरकार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में बेहतर पथ और पुलों का जाल बिछाया है, अब उसे मेंटेन रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य के सुदूर इलाके से पटना पहुंचने के 5 घंटे के लक्ष्य को सरकार ने प्राप्त कर लिया है। अब सरकार 4 घंटे के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने कहा, “बेहतर सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उसका रखरखाव भी उतना ही जरूरी है। सड़कें सुरक्षित और सुगम होंगी तो इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा।”
क्या है ओपीआरएमसी फेज-3
1. कुल लंबाई: 13,033 किलोमीटर राज्य उच्च पथ और वृहद जिला पथ
2. कुल लागत: 10,590.53 करोड़ रुपये
3. अवधि: 7 वर्ष (2026-2033)
4. पैकेज: 66 पैकेजों में बांटा गया कार्य
5. विशेषता: परफॉर्मेंस बेस्ड मेंटेनेंस, आधुनिक तकनीक से निगरानी, हर किमी की मासिक रिपोर्ट
ओपीआरएमसी प्रणाली में ठेकेदार को सिर्फ सड़क बनाने का नहीं, बल्कि 7 साल तक उसकी गुणवत्ता बनाए रखने का भी भुगतान मिलता है। इससे सड़कों में गड्ढे, जलजमाव जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान होता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार, बिहार राज्य पथ विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरभ जोरवाल सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
